कुंठित
अगर दिल में कोई कसक हो तो धीरे-धीरे ग्रथियां बनती है और फिर जाकर इस कुंठा का जन्म होता है...........
रविवार, 7 मार्च 2010
पापा की याद में.........
पापा के जाने के बाद से ही हम जल विहीन मछली जैसे हो गये है
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